नोहरा नदी में रेत जमा होने से आवागमन प्रभावित

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नदी में रेत जमा होने से आवागमन बंद
नदी में रेत जमा होने से आवागमन बंद

भीनमाल.निम्बावास व नोहरा के बीच स्थित नदी की रपट पर हाल ही में चली धुल भरी हवाओं से भारी संख्या में रेत जमा हो गया है

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नदी की रपट पर हाल ही में चली धुल भरी हवाओं से भारी संख्या में रेत जमा होने से सोमवार को दो वाहनों के रेत में धंसने के बाद मार्ग बंद रहा। इस वजह से निम्बावास से आगे पूनासा की तरफ जाने के लिए वाहन चालकों को घूमकर जाना पड़ रहा है। भीनमाल से पूनासा जाने के लिए एकमात्र डामरीकृत सड़क मार्ग है इस मार्ग पर निम्बावास व नोहरा गांव के बीच एक नदी स्थित है जिसमें गत बारिश में आधी रपट बह जाने से आधी रपट ही बनी हुई है। आधी रपट के बाद नदी में कुछ ग्रेवल भी डाला गया था लेकिन पिछले दिनों चली धूल भरी हवाओं से रेत उड़कर रपट पर जमा हो गई ऐसे में रपट पूरी तरह रेत में डूब गई वहीं आधी रपट पर डाला गया ग्रेवल भी रेत में समा गया। सोमवार को इस नदी में एक टवेरा गाड़ी व मिनी ट्रक धंस जाने से यह मार्ग पूर्ण रूप से बंद हो गया। इस वजह से अन्य वाहन चालकों वाया जेरण होकर जाना पड़ा। 
नदी में रेत जमा होने से आवागमन प्रभावित
नदी में रेत जमा होने से आवागमन प्रभावित
ज्यादा दूरी तय करने को मजबूर 

निम्बावास नदी में रेत जमा हो जाने से लगातार वाहनों के धंसने के कारण मार्ग बंद रहा। इस वजह से पूनासा की तरफ जाने वाले वाहन भीनमाल से जेरण फांटा होते हुए पूनासा पहुंचे। इस तरह उन्हें ज्यादा दूरी तरनी पड़ रही है। कई वाहन चालक तो निम्बावास पहुंचने के पश्चात पुन: भीनमाल पहुंचे। 

सोमवार को नोहरा नदी में धंसे एक टवेरा व मिनी ट्रक धंसने के बाद मार्ग हुआ बंद 

रेत से हो रही परेशानी 
धूल भरी हवाएं चलने के कारण करीब एक फीट रेत जमा हो गई है जिससे वाहन चालकों को आवागमन में मुश्किल हो रही है। राहुल सोनी ने बताया कि दुपहिया वाहन चालक रेत में धंस जाते है। करीब आधा किमी तक रेत ही रेत जमा होने से पैदल चलकर वाहन को ले जाना पड़ता है। इसी तरह अन्य वाहन भी यहां रेत जमा हो जाने से धंस जाते है इस कारण काफी मशक्कत के बाद निकाला जाता है। 

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