मुख्यालय समेत 88 गांवों में गहराएगा पेयजल संकट

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दैनिक तरुण राजस्थान
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जालौर. जिले के एफआर व डीआर प्रोजेक्ट से जुड़े जिला मुख्यालय समेत 88 से ज्यादा गांवों में  पेयजल संकट गहरा सकता है। जिसके कारण लोगों को पीने के लिए नर्मदा नहर का मीठा पानी नसीब नहीं हो सकेगा। यह इसलिए होगा कि गुजरात में नर्मदा नहर की मुख्य कैनाल के मरम्मत के कारण गुजरात सरकार की ओर से 10 दिन का क्लोजर लिया गया है। जिसके कारण नर्मदा का पानी राजस्थान में बिल्कुल भी नहीं आ पाएगा। जानकारी के अनुसार नर्मदा नहर की मुख्य कैनाल की गुजरात में मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा है। जिसके चलते वहां के अधिकारी नर्मदा नहर में पानी की आपूर्ति रोकेंगे। ऐसे में नर्मदा नहर से पेयजल के लिए जाने वाले पानी की आपूर्ति बंद हो जाएगी। इसका असर यह होगा कि भीषण गर्मी में लोगों को हलक तर करने के लिए पानी नहीं मिल पाएगा।

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72 घंटे में हो रही है पानी की सप्लाई : कुछ दिन पहले आई तेज आंधी के कारण जिलेभर के गांवों की पेयजल व्यवस्था गड़बड़ाई हुई थी। जिसके कारण 72 घंटों से पानी की सप्लाई की जा रही थी, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़ सकता है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक आंधी के कारण 26 से लेकर 45 घंटों तक बिजली की कटौती रही थी। जिसके चलते पेयजल व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है और अब इस क्लोजर से डीआर प्रोजेक्ट हालात विकट हो जाएंगे। 

मुख्यालय समेत 88 गांवों में गहराएगा पेयजल संकट
जालोर. नर्मदा की मुख्य कैनाल। फोटो|

पहले से ही आंधी से प्रभावित थी पेयजल सप्लाई, अब क्लोजर लेने से हालात हो सकते हैं विकट 

प्रतिदिन दो करोड़ लीटर पानी जाता है पेयजल स्कीमों में 

नर्मदा नहर की सिंचाई प्रणाली के अलावा नर्मदा प्रोजेक्ट पर बनी पेयजल स्कीमों में प्रतिदिन दो करोड़ लीटर से ज्यादा पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन क्लोजर आने के कारण पानी की सप्लाई नहीं हो पाएगी। जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 

नर्मदा नहर के आसपास के गांवों में होगा पानी का संकट 

सांचौर व चितलवाना उपखंड के दर्जनों गांवों में नर्मदा नहर की मुख्य कैनाल निकलती है। जिसके कारण कैनाल व वितरिकाओं पर जलदाय विभाग की ओर से बूस्टर लगाकर गांवों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है तो पूरी तरह नर्मदा नहर के पानी पर ही आधारित है, लेकिन नहर में पानी की सप्लाई रूकने के कारण चितलावाना व सांचौर उपखंड के दर्जनों गांवों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो जाएगी। 

बढ़ सकता है क्लोजर 

गुजरात में नर्मदा नहर की मुख्य कैनाल की मरम्मत के लिए दस दिन का क्लोजर लिया है, लेकिन मरम्मत के कार्य में किसी कारणवंश देरी होती है तो यह समय अवधि 10 दिन से ज्यादा बढ़ भी सकती है। 

दो दिन तक का है पानी स्टोरेज 

डीआर प्रोजेक्ट नर्मदा नहर में क्लोजर के बाद जलदाय विभाग के पास में मात्र दो दिन का ही पानी स्टोरेज रहेगा। दो दिन के बाद विभाग के अधिकारियों को ट्यूबवेलों के सहारे ही पानी की आपूर्ति करनी पड़ेगी। विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि क्लोजर से ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। विभाग के अधिकारियों का दावे पर यकीन करे तो शहर सहित आसपास के गांवों में 48 घंटे में पानी की सप्लाई हो रही है, लेकिन सत्यता तो यह है कि वर्तमान में विभाग की ओर से 72 घंटे से शहर में पानी की सप्लाई की जा रही है। नर्मदा के क्लोजर के बाद में 72 घंटे से ज्यादा हो सकता है। 

आंधी से प्रभावित चल रही है पानी की सप्लाई 

जिलेभर में तेज चली आंधी के कारण बिजली आपूर्ति तंत्र पूरी तरह फैल हो गया था। कई गांवों के जीएसएस 72 घंटे तक अंधेरे में डूबे रहे थे। जिसके कारण जिलेभरडीआर प्रोजेक्ट के पेयजल स्त्रोतों पर बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। ऐसे में जलदाय विभाग के अधिकारी पानी की सप्लाई नहीं कर पा रहे थे, अब नर्मदा के क्लोजर के कारण पानी आपूर्ति नियमित करना अधिकारियों के लिए मुश्किल लग रहा है। 

पानी स्टोर रखने का संसाधन नहीं 

परियोजना पर बनी पेयजल स्कीमों के पास में पानीडीआर प्रोजेक्ट स्टोरेज करने के लिए आरडब्ल्यूआर की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण नहर में रहने वाला पानी ही स्टोरेज में काम आएगा। इन पेयजल स्कीमों पर आरडब्ल्यूआर बनने है, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है। जिसके कारण जलदाय विभाग के अधिकारी पानी का स्टोरेज नहीं कर पा रहे है। 

ट्यूबवैलों पर आश्रित है जलदाय विभाग 

डीआर प्रोजेक्ट नर्मदा नहर के पानी की सप्लाई रुकने के बाद जलदाय विभाग ट्यूबवैलों पर पूरी तरह आश्रित होगा। जिसमें अगर बिजली कटौती होती है तो पेयजल व्यवस्था बिगड़ सकती है।

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