पुलिस पदोन्नति परीक्षा में दौड़ते वक्त हैड कांस्टेबल की मौत

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पुलिस पदोन्नति परीक्षा में दौड़ते वक्त हैड कांस्टेबल की मौत
पुलिस पदोन्नति परीक्षा में दौड़ते वक्त हैड कांस्टेबल की मौत
 
जयपुर.एएसआई पदोन्नति परीक्षा में शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़ लगाते वक्त हार्टअटैक से हैड कांस्टेबल की मौत हो गई।पुलिस पदोन्नति परीक्षा में दौड़ते वक्त हैड कांस्टेबल की मौत. यह दौड़ शहर में आमेर रोड स्थित जलमहल की पाल पर लगवाई जा रही थी। पुलिसकर्मी की मौत से पुलिस महकमे में शोक की लहर छा गई।

– साथी पुलिसकर्मियों समेत पुलिस कमिश्नर व अन्य उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा। इसके बाद शव को पैतृक गांव तहसील वैर, भरतपुर ले जाया गया। जहां अंतिम संस्कार किया गया।

– जानकारी के अनुसार हैड कांस्टेबल सुशीलप कुमार शर्मा (45) मूल रुप से भरतपुर में वैर तहसील के रहने वाले थे। वह वर्ष 1993 में राजस्थान पुलिस में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए थे। इन दिनों वह जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में एडिशनल डीसीपी क्राइम एंड विजीलेंस के ऑफिस में पदस्थापित थे। – पिछले दिनों उनका सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर प्रमोशन हुआ था। इसकी लिखित परीक्षा का रिजल्ट गुरुवार को जारी हुआ। इसके बाद शुक्रवार सुबह जलमहल की पाल पर शारीरिक दक्षता परीक्षा

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– बताया जा रहा है कि करीब 15 मिनट में 2 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी। इसे पूरा करने के बाद हैड कांस्टेबल सुशील शर्मा ज्योंही रुके। वैसे ही उनकी तबियत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द हुआ और वह अचेत होकर गिर पड़े।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एंबुलेंस का इंतजाम नहीं था, पुलिस गाड़ी में लाए हॉस्पिटल

– परीक्षा में मौजूद पुलिसकर्मियों की मानें तो दक्षता परीक्षा के दौरान मौके पर एंबुलेंस का इंतजाम नहीं था। हालांकि, वहां फिजीकल डॉक्टर मौजूद थे। ज्योंही, सुशील शर्मा की तबीयत बिगड़ी उन्हें तत्काल एडिशनल डीसीपी मुख्यालय की सरकारी बोलेरो में लेटाकर एसएमएस अस्पताल पहुंचाया गया।

– तब तक सुशील ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहां मौजूद डॉक्टर भी उन्हें नहीं बचा सके। जानकारी के अनुसार गुरुवार रात को एएसआई पदोन्नति की लिखित परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद रात को ही चयनित पुलिसकर्मियों का ब्लडप्रेशर चैक किया गया था। इसके बाद शुक्रवार को आउटडोर परीक्षा में बुलाया गया।

बड़ा सवाल: कांस्टेबल से इंस्पेक्टर पदोन्नति तक ही क्यों होती है शारीरिक दक्षता परीक्षा

लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने के लिए पुलिस महकमे में अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक शारीरिक रुप से दक्ष होना बेहद जरुरी है। लेकिन यह शारीरिक दक्षता परीक्षा कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक पदोन्नति परीक्षा के दौरान करवाई जाती है। जबकि, उपाधीक्षक और आईपीएस के प्रमोशन में यह शारीरिक दक्षता परीक्षा नहीं करवाई जाती है।

– ऐसे में यह परीक्षा निचले स्तर पर ही क्यों जरुरी है, इस पर सवाल उठने लगे है। क्योंकि इस पदोन्नति पर पहुंचते हुए पुलिसकर्मियों की उम्र करीब 45 को पार कर जाती है। लंबी ड्यूटी वाली इस नौकरी में ज्यादातर पुलिसकर्मी फिटनेस पर ध्यान नहीं देते। ऐसे में अचानक एग्जाम में दक्षता परीक्षा के बीच यह मौतें हो रही है।

– क्योंकि इससे पहले भी हैड कांस्टेबल, एएसआई और सबइंस्पेक्टर पदोन्नति की शारीरिक दक्षता परीक्षा में आयोजित दौड़ और पीटी के दौरान सबइंस्पेक्टर हेमंत कोली, कांस्टेबल रामजीलाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं, श्रीगंगानगर में कांस्टेबल पवन शर्मा की मौत हो गई थी।

बिलख पड़े बुजुर्ग माता पिता, तीनों भाई, दोनों बच्चे और पत्नी

– मृतक सुशील कुमार अपने चार भाईयों में सबसे बड़े थे। उनके पिता केशवदेव शर्मा शुक्रवार सुबह ही बेटे से मिलने गांव से जयपुर आए थे। यहां सुबह करीब साढे़ सात बजे पहुंचते ही बड़े बेटे की मौत का समाचार सुना तो बिलख पड़े।

– वहीं जयपुर में प्रताप नगर सेक्टर 11 स्थित उनके घर में कोहराम मच गया। पत्नी व बेटा बेटी बिलख पड़े। सुशील की बेटी कीर्ती ने हाल ही में नीट परीक्षा का एग्जाम दिया था। वहीं, बेटा मयंक 11 वीं कक्षा का छात्र है।

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